Showing posts with label Maths In Hindi. Show all posts
Showing posts with label Maths In Hindi. Show all posts

संख्या [Number] किसे कहते हैं। प्राकृत, पूर्ण, सम, विषम, भाज्य, अभाज्य, परिमेय, अपरिमेय, अनुवर्ती, पूर्ववर्ती संख्या क्या है। किसे कहते हैं। की परिभाषा

आज के इस लेख में मैंने आपके लिए संख्या (Number) किसे कहते हैं। इनके प्रकार जैसे कि प्राकृत, पूर्ण, सम, विषम, भाज्य, अभाज्य, परिमेय, अपरिमेय, अनुवर्ती, पूर्ववर्ती संख्या आदि सभी को समाहित किया हुआ है। जो आपको अवश्य ही पसंद आने वाला है। 
संख्या [Number] किसे कहते हैं

संख्या किसे कहते हैं परिभाषा

वह अंकगणितीय मान जिसे हम शब्द, प्रतीक, अंक एवं आकृति के रूप में व्यक्त कर सकते हैं और इसका प्रयोग हम गणना, मापन जैसी क्रिया कर सकते हैं उन्हें ही संख्या कहते हैं। 

संख्याओं के विभिन्न प्रकार

संख्याओं के विभिन्न प्रकार क्रमशः रूप से निम्नलिखित है :—

प्राकृत संख्या 

गणना करते समय प्रयोग में आने वाले सभी संख्याएं प्राकृत संख्या होती हैं किन्तु इसमें Zero (0) शामिल नहीं है। 
उदाहरण के लिए 1,2,3,4,5,6,7,…………

पूर्ण संख्याएं

यदि प्राकृत संख्या के समूह में Zero (0) को शामिल कर देते हैं। तो इस प्रकार की बने संख्याओं का समय पूर्ण संख्या कहते हैं।
उदाहरण के लिए 0,1,2,3,4,5,…..

पूर्णांक

प्राकृत संख्याओं के समूह में, प्राकृत संख्या के रचनात्मक तथा धनात्मक दोनों प्रकार के संख्या शामिल हो जाए तो इस प्रकार से बने संख्याओं के समूह को पूर्णांक कहते हैं।
उदाहरण के लिए 3,-2,-1,0,1,2,3……...

सम संख्या

ऐसी संख्या जो दो से पूर्णत: रूप से विभाजित हो जाएं, उन्हें सम संख्या कहते हैं।

उदाहरण के लिए 2,4,8,10,22,100…..


विषम संख्या

ऐसी संख्या है जो 2 से पूर्णत: रूप से विभाजित नहीं होती है, उन्हें विषम संख्या कहते हैं।
उदाहरण के लिए 3,9,25,37,45……

भाज्य संख्या

ऐसी संख्या जिसका जो एक एवं स्वयं के अलावा और भी संख्या से पूर्णत: विभाजित हो जाती है, उन्हें भाज्य संख्या कहते है
उदाहरण के लिए 4,20,25,90….


अभाज्य संख्या

वैसे संख्या जो स्वयं 1 को छोड़कर अन्य किसी अंको से पूर्णत: विभाजित नहीं होती है, उन्हें अभाज्य संख्या कहते हैं। 
उदाहरण के लिए 5,2,17,23,29,….


परिमेय संख्या

वैसे संख्या जिन्हें p/q के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, उसे परिमेय संख्या कहते हैं। जहां p तथा q अपूर्णांक हो।
 उदाहरण के लिए 3/4, 5/6, 4/9….


अपरिमेय संख्या

वैसे संख्या जिन्हें p/q के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता है, उसे अपरिमेय संख्या कहते हैं।


अनुवर्ती संख्या

किसी प्राकृत संख्या के ठीक अगले वाले संख्या उस संख्या का अनुवर्ती संख्या कहते हैं। अर्थात किसी संख्या एक जोर का उसका अनुवर्ती संख्या प्राप्त करते हैं

उदाहरण के लिए: 11 अनुवर्ती संख्या 12 है
61 अनुवर्ती संख्या 62 है


पूर्ववर्ती संख्या

किसी प्राकृत संख्या के ठीक पहली संख्या उस संख्या का पूर्ववर्ती संख्या कहते हैं। अर्थात किसी संख्या में से 1 घटा कर उस संख्या का की संख्या प्राप्त करते हैं

उदाहरण के लिए - 20 का पूर्ववर्ती संख्या 19 है
50 पूर्ववर्ती संख्या 51 है
यह पोस्ट आपको कैसी लगी आप हमें नीचे कमेंट करके अवश्य बताए और शेयर करें। अन्य जानकारी के लिए हमारे मुख्य पृष्ठ पर जाएं या नीचे की पोस्ट की पड़ें।

Maths Questions And Fourmula

maths questions and fourmula

Friends, today this article has come in a well-organized article related to maths questions. You are very happy to know that I have systematically divided all of the maths questions and formula in this article as part of everyone. 
maths questions and fourmula
Maths Questions And Fourmula
 You will get the questions of maths inside all the parts, which will be very easy to read. If for some reason you cannot see all the parts now, then you should copy the link of the website and keep it so that whenever you have maths questions and fourmula you can reach the door of that link. Maths Questions And Fourmula
Read it:—

  1. General Store
  2. kitchen items list 
  3.  store insurance 
  4. General Store insurance
  5.  general store furniture 
  6. Staylish furniture
  7.  history of India 
  8.  Gmail account Tips
  9. Ok full form 

Maths Questions And Fourmula

And yes, if you are preparing for the competitive examination of this government job then all these math questions questions will help you a lot. maths questions and fourmula


All Maths Unit Questions


  1.  (H.C.F. and L.C.M. )
  2.  (Simplification)
  3.  ( Decimal and fraction)
  4.  ( Average )
  5.  ( profit loss )
  6.  ( Ratio and Proportion )
  7.  ( Cube and Cubic Root )
  8.  (Square and square root)
  9. compound interest 
  10.  simple interest  Maths
  11.  (Volume formula)
  12. (Formula for mensuration)
  13. Formulas and methods to solve questions from Vedic mathematics
  14. Trigonometry 
  15.  (Rules Of Divisiblity)
  16. Number System) 
  17. Linear equation double power equation 
  18.  ( Formulas of Differentiation )
  19.  (Integration Formulas)
  20. (Formula related to circle)
  21. (Formulas related to quadrilateral)
  22.  (Formula related to triangle)
  23. Number System Maths.
  24. Fraction Maths Formula.
  25. Discount.
  26. Probability.
  27. Mensuration Maths.
  28. Trigonometry Table Maths.


How did you like this article related to maths formula and questions, I have tried to bring the entire Maths questionnaire to you as a one liner. And it has tried to cover all the topics in a systematic way.  If you like this information and you have any other information related to Maths that you want to give to us, then you can comment any information related to Maths Question below and you can give this article to your friends. Can also.

Read it:—


  1. General Store
  2. kitchen items list 
  3.  store insurance 
  4. General Store insurance
  5.  general store furniture 
  6. Staylish furniture
  7.  history of India 
  8.  Gmail account Tips
  9. Ok full form 

संख्या पद्धति (Number System) Maths

संख्या पद्धति (Number System) Maths
हेलो दोस्तों आपके लिए मैंने इस लेख में संख्या पद्धति के कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों को लाया हूं जो कि आपके लिए बहुत ही मददगार साबित होंगे इन सभी प्रश्नों को हल करने बाद आप संख्या पद्धति के सभी मैथ्स के प्रश्नों को questions को अच्छे प्रकार से हल कर पाएंगे और संख्या पद्धति से संबंधित प्रश्नों को आसानी से समझ पाएंगे।

दोस्तों इससे पहले कि आप इन प्रश्नों को हल करो इसके लिए मैं आपको यह बात बता दूं कि इसका आप पहले बेसिक पार्ट अवश्य देख लें उसमें मैंने कुछ सूत्र और फार्मूले बताए हैं वहां से आप संख्या पद्धति का बेसिक पाठ अवश्य देखने।

संख्या पद्धति का बेसिक पार्ट 1

संख्या पद्धति(Number System) मैथ्स

1) जब किसी संख्या से 32 घटाया जाता है तो वह घट कर अपनी 60% हो जाती है वह संख्या क्या हैं।
संख्या पद्धति (Number System) Maths

2) तीन लगातार सम संख्या का योग 90 है उनमें से सबसे छोटी संख्या के 1/4 और सबसे बड़ी संख्या की दोगुनी के बीच का अंतर क्या होगा।
संख्या पद्धति (Number System) Maths

3) किसी संख्या के 7/8 और उसके दोगुनी के बीच 72 का अंतर है वह संख्या क्या है।
संख्या पद्धति (Number System) Maths

4) एक संख्या को जब उसके 4/7 से बताया जाते है तब 36 बड़ जाती है। वह संख्या क्या है।
संख्या पद्धति (Number System) Maths

5)यदि दो अंकों की एक संख्या में से 16 घटाया जाता है तो उस संख्या की दो तिहाई प्राप्त होती हैं।उस संख्या का अंको का योग क्या होगा।
संख्या पद्धति (Number System) Maths

6) तीन लगातार सम संख्या का योग, उस श्रंखला की पहली संख्या के 26 अधिक है। इन संख्याओं में विच वाली संख्या क्या है।
संख्या पद्धति (Number System) Maths


7) दो संख्या का योग 30 हैं।और उनका गुणनफल 200 हैं। उन संख्याओं के बीच का अंतर कितना है।
संख्या पद्धति (Number System) Maths

8)एक कुर्सी की कीमत 89 रू और 1 मेज़ की  कीमत 127 रू है । तो आठ दर्जन कुर्सियों और सात दर्जन मेजों की आसन्न मूल्य क्या है।
संख्या पद्धति (Number System) Maths

9)एक संख्या दूसरी संख्या के तीन गुना से 15 काम हैं। अगर उन संख्या का योग 17 हो, तो उनमें से बड़ी वाली संख्या क्या है।
संख्या पद्धति (Number System) Maths

10) किसी संख्या का दो तिहाई का दो तिहाई 64 है। वह संख्या क्या है।
संख्या पद्धति (Number System) Maths

11) किसी संख्या के 6/7 भाग का 20% यदि 78 हैं।तो वह संख्या क्या है।
संख्या पद्धति (Number System) Maths

12) किसी संख्या के तीन चौथाई का 4/5 भाग  यदि 153 हैं। तो वह संख्या क्या हैं।
संख्या पद्धति (Number System) Maths

13) दो संख्याओं के वर्गो  योग 3557 और उनके गुननफल  1666 हैं तो उन संख्याओं के बीच का अंतर क्या है।
संख्या पद्धति (Number System) Maths

14) दो संख्याओं का गुणा 1625 तथा उसके वर्गो  योग 4850 हैं उसका अंतर कितना हैं।
संख्या पद्धति (Number System) Maths

15) दो संख्याओं का गुनंफल 1512 हैं तथा उसका अंतर 39 हैं उसके वर्गो का योग क्या है।
संख्या पद्धति (Number System) Maths

16)दो लगातार विषम संख्या का गुणा 1088 हैं। उन संख्याओं का योग क्या होगा।
संख्या पद्धति (Number System) Maths


संख्या पद्धति का बेसिक पार्ट 1 दोस्तों संख्या पद्धति से संबंधित यह सभी मैथ्स प्रश्न मैंने इस लेख में लाया हूं यह लेख आपको कैसा लगा और समय-समय पर हम संख्या पद्धति के इसलिए को अपडेट करते रहेंगे और इसके अन्य पार्ट भी हाई लेवल के प्रश्नों को (संख्या पद्धति के मैथ्स) भी इसमें शामिल करते रहेंगे।

सरलीकरण (Simplification) मैथ्स हिंदी फार्मूला । Sarlikaran maths hindi


सरलीकरण (Simplification) मैथ्स हिंदी फार्मूला । Sarlikaran maths hindi
सरलीकरण (Simplification) मेथस हिंदी फार्मूला । Sarlikaran maths hindi
इस लेख में सरलीकरण (Simplification) मैथ्स हिंदी फार्मूला के साथ सभी प्रकार से समझाया गया है।

यदि किसी प्रश्न में कोष्ठक, "का" भाग, गुणा, जोड़ और घटाव हो तो सर्वप्रथम किस चिन्ह को हल करना है यह जानने के लिए हमे "VBODMAS" का उपयोग करते है।
मतलब की :
V = Vineculum (रेखा कोष्ठक)
B = Brackets (कोष्ठक)
O = of (का)
M = Multiplication (गुणा)
A = Addition (जोड़)
S = Subtraction (घटाव)
अर्थात किसी प्रश्न में सबसे पहले रेखा कोष्ठक ( ) को हल किया जाता है। फिर उसके बाद क्रमश: कोष्ठक, ‘का’ भाग, गुणा, जोड़ और आखिरी में घटाव को हल किया जाता है|
कोष्ठक तीन प्रकार का होता है।
(i) छोटा कोष्ठक (Circular bracket) :- ( )
(ii) मध्यम कोष्ठक (Curly bracket ) :- { }
(iii) बड़ा कोष्ठक (Box of square bracket) :- [ ]
उदाहरण:-
(1) 10 - [6 + {2- (4 - 1 - 2 + 3) } ] = ?
= 10 - [6 + {2- (4 - 2) } ]
= 10 - [6 + {2- 2} ]
= 10 - [6 + 0]
=10 – 6 = 4
महत्वपूर्ण बीजगणितीय सूत्र :
a²- b² = (a + b) (a - b)
(a+b)²= a²+ 2ab + b²
(a-b)²= a²- 2ab + b²
(a+b)² + (a-b)²= 2(a²+b²)
(a+b)² - (a-b)²= 4ab
(a+b)³ = a³ + b³ + 3ab(a+b)
(a-b)³ = a³- b³- 3ab(a-b)
a³+ b³ = (a + b) (a² - ab + b²)
a³- b³ = (a-b) (a² + ab + b²)
(a + b + c +)² = a² + b² + c² + 2ab + 2bc + 2ca
a³+ b³ + c³- 3abc = (a + b + c) (a² + b² + c²- ab - bc - ca)
यदि a + b + c = 0 हो, तो
a³+ b³ + c³ = 3abc
उदाहरण:
1. 18800 / 470 / 20
हल:
18800 / 470 / 20
= (18800 / 470) / 20
= 40 / 20 = 2
2. b - [b -(a+b) - {b - (b - a+b)} + 2a]
हल:
b-[b-(a+b)-{b-(b-a+b)}+2a]
= b-[b-a-b-{b-(2b-a)}+2a]
= b-[-a-{b-2b+a}+2a]
= b-[-a-{-b+a}+2a]
= b-[-a+b-a+2a]
= b-[-2a+b+2a]
= b-b
= 0
सरलीकरण (Simplification) मैथ्स हिंदी फार्मूला से संबंधित जानकारी आपको कैसी लगी हमें कमेंट करके अवश्य बताएं।

संख्या पद्धति (Number System) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी । Maths Formula hindi

संख्या पद्धति (Number System) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी । Maths Formula hindi

संख्या पद्धति (Number System) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी । Maths Formula hindi
संख्या पद्धति (Number System) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी से संबंधित हर प्रकार की जानकारी नीचे दी गई हैं।

एक ऐसी पद्धति, जिसमें विभिन्न प्रकार की संख्याओ एवं उनके मध्य सम्बन्धों व नियमों का क्रमबद्ध अध्ययन किया जाता है, संख्या पद्धति कहलाती है।
यह भी देखें:-
संख्या पद्धति के प्रश्न

1) प्राकृतिक संख्याएँ (Natural Numbers):-

वे संख्याएँ जो गणना करने में प्रयुक्त की जाती है, प्राकृतिक संख्याएँ कहलाती है।

जैसे- N={1,2,3,4,........}

2) पूर्ण संख्याएँ (Whole Numbers):-

यदि प्राकृतिक संख्याओं के साथ शून्य को भी सम्मिलित कर लिया जाये, तो वे संख्याएँ पूर्ण संख्याएँ कहलाती है।

जैसे- w = {0,1,2,3,........}

3) पूर्णांक (Integars)

सभी पूर्ण संख्याएँ तथा ऋणात्मक संख्याएँ पूर्णांक कहलाती है।

जैसे- I = { .....-3, -2, -1 ,0 , 1, 2, 3 }

4) धन पूर्णांक (Positive Integars)

सभी प्राकृतिक संख्याएँ धन पूर्णांक कहलाती है।

जैसे- I=+{1,2,3,4,........}

5) ऋण पूर्णांक (Negative Integars)

सभी ऋणात्मक संख्याएँ ऋण पूर्णांक कहलाती है।

जैसे- I= -{0,1,2,3,........}

परिमेय संख्याएँ (Rational Number)

वे सभी संख्याएँ जिन्हें p/q के रूप में व्यक्त किया जा सके, परिमेय संख्याएँ कहलाती है।

Q = { p/q q : p तथा q पूर्णांक है और q ≠ 0 }

जैसे- 5, -2, 4/5, 0 आदि परिमेय संख्याएँ है।

अपरिमेय संख्याएँ 

वे सभी संख्याएँ जिन्हें p/q के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सके, अपरिमेय संख्याएँ कहलाती है| √2,√3,√5 आदि अपरिमेय संख्याएँ है।

л एक अपरिमेय संख्या है क्योकि 22/7 तथा 3.14 , л के लगभग बराबर है।

वास्तविक संख्याएँ (Real Number)

वे सभी संख्याएँ जो या तो परिमेय हो अथवा अपरिमेय हो, वास्तविक संख्याएँ कहलाती है।

सम संख्याएँ (Even Numbers)

वे सभी संख्याएँ जो 2 से पूर्णत: विभाजित हो जाती है, सम संख्याएँ कहलाती है।

उदाहरण- 2, 4, 6, 8, ....... सम संख्याएँ है|।

विषम संख्याएँ (Odd Number)

वे सभी संख्याएँ जो 2 से पूर्णत: विभाजित नहीं होती है, विषम संख्याएँ कहलाती है।

उदाहरण- 1, 3, 5, 7, ....... विषम संख्याएँ है।

अभाज्य संख्याएँ (prime Number)

वे सभी संख्याएँ जो 1 व स्वयं के अतिरिक्त किसी अन्य संख्या से पूर्णत: विभाजित न हो, अभाज्य संख्याएँ कहलाती है।

उदाहरण- 2, 3, 5, 7,11, ....... अभाज्य संख्याएँ है।

भाज्य संख्याएँ (Composite Number)

वे सभी संख्याएँ जो 1 व स्वयं के अतिरिक्त कम से कम एक अन्य संख्या से पूर्णत: विभाजित हो, भाज्य संख्याएँ कहलाती है।

उदाहरण- 8, 9, 15, 11, ....... भाज्य संख्याएँ है।

संख्या पद्धति के प्रश्न

संख्या पद्धति (Number System) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी से संबंधित जानकारी दी गई हैं यह लेख आपको कैसा लगा आपको यह लेख किस तरह का लगा हमें कमेंट करके अवश्य बताएं।

अनुपात (Ratio) और समानुपात (Proportion) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी। Maths Formula Hindi

अनुपात (Ratio) और समानुपात (Proportion) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी। Maths Formula Hindi
अनुपात (Ratio) और समानुपात (Proportion) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी। Maths Formula Hindi

इस लेख अनुपात (Ratio) और समानुपात (Proportion) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी  में यह जानकारी अच्छे से नीचे दी गई है।

अनुपात (Ratio)

"दो या दो से अधिक समान प्रकार की राशियों की तुलना को प्रदर्शित करने के लिए अनुपात का प्रयोग किया जाता है। दो राशियों x व y के बीच के अनुपात को x : y से प्रदर्शित करते है।"

उदाहरण
1 रु व 50 पैसा अनुपात क्या होगा :-

= 100 / 50

= 2 / 1

अनुपात के प्रकार (Types of Ratio)

1) वर्गानुपात (Duplicate Ratio)

यदि किसी अनुपात का वर्ग करके नया अनुपात बनाया जाता हैं। तो वह वर्गानुपात कहलाता है।

2) वर्गमूलानुपात (Sub Duplicate Ratio)

यदि किसी अनुपात का वर्गमुल लेकर नया अनुपात बनाया जाता है।तो वह वर्गमूलानुपात कहलाता है।

3) घनानुपात (Triplicate Ratio)

यदि किसी अनुपात का घन करके नया अनुपात बनाया जाता है। तो वह घनानुपात कहलाता है।
समानुपात (Proportion)

"दो अनुपातों की बराबरी को समानुपात कहते हैं| समानुपात को ( :: ) चिह्न से लिखते है।

जैसे:- a, b, c, d समानुपाती होगे तब
a:b::c:d

बाह्य पदो का गुणनफल  =  मध्य पदो का गुणनफल

a × d  =  b × c, a व d बाह्य पद तथा  b व c मध्य पद कहलाते है।

समानुपात के प्रकार (Types of Ratio)

1) विततानुपाती

यदि तीन सजातीय राशियाँ इस प्रकार की हो की पहली व दूसरी राशि का अनुपात,दूसरी व तीसरी राशि के अनुपात के बराबर हो, तो वे राशियाँ विततनुपाती कहलाती है।

2) अनुलोमानुपाती

यदि एक राशि के बढ़ने या घटने पर दूसरी राशि उसी अनुपात में बढ़ती या घटती है तो वे राशियाँ अनुलोमानुपाती होती है।
3) विलोमानुपाती

यदि एक राशि के बढ़ने या घटने पर दूसरी राशि उसी अनुपात में घटती या बढ़ती है तो वे राशियाँ परस्पर विलोमानुपाती होती है।
4) मिश्रित समानुपात

ऐसे समानुपात, जिनमें दो से अधिक अनुपात हो, मिश्रित अनुपात कहलाते ह।

महत्वपूर्ण सूत्र :- यदि a/b=c/d हो, तब

a+b / b  =  c+d / d (योगानुपात)

a-b / b  =  c-d / d (अंतरानुपात)

a+b / a-b = c+d / c-d (योगांतरानुपात)


यह अनुपात (Ratio) और समानुपात (Proportion) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी में यह जानकारी कैसे लगी आप हमें नीचे कमेंट करके अवश्य बताएं।

भिन्न (Fraction) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी । Maths Formula Hindi

भिन्न (Fraction) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी । Maths Formula Hindi 
भिन्न (Fraction) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी । Maths Formula Hindi
भिन्न (Fraction) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी से संबंधित जानकारी दी गई है।
भिन्न (Fraction)
ऐसी संख्या, जिसे  p / q के रूप में व्यक्त किया जा सके, जहाँ q ≠ 0, भिन्न कहलाती हैं। p को भिन्न का अंश तथा q को भिन्न का हर कहते है। 

उदाहरण:- 3 / 4 एक भिन्न है जिसमे 3 भिन्न का अंश तथा 4 भिन्न का हर हैं।

भिन्नों के प्रकार:-
1) उचित भिन्न (Proper Fraction)
2)अनुचित भिन्न (Improper fration)
3) मिश्र भिन्न (Mixed feaction)
1) उचित भिन्न (Proper Fraction)
यदि किसी भिन्न का अंश, हर से कम हो, तो ऐसी भिन्न उचित भिन्न कहलाती हैं।
उदाहरण:-
3 / 5 में अंश 3, हर 5 से कम है|अत: 3/5 एक उचित भिन्न हैं।

2)अनुचित भिन्न (Improper fration)

यदि किसी भिन्न का अंश, हर से अधिक हो, तो ऐसी भिन्न को अनुचित भिन्न कहते हैं।
उदाहरण:-
10 / 4 में अंश 10,हर 4 से अधिक है। अत:13 / 4 एक अनुचित भिन्न है।
3) मिश्र भिन्न (Mixed feaction)

एसी भिन्ने जो पूर्णांकों तथा भिन्नों से मिलकर बनाई जाती है, मिश्र भिन्न कहलाती हैं।
उदाहरण:-


भिन्न (Fraction) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी यह लेख आपको कैसा लगा आप चाहें तो दोस्तों के साथ शेयर भी करें और नीचे कमेंट करके अवश्य बताएं।

लघूत्तम समापवर्त्य एवं महत्तम समापवर्तक (LCM and HCF) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी। Maths Formula Hindi

लघूत्तम समापवर्त्य एवं महत्तम समापवर्तक (LCM and HCF) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी। Maths Formula Hindi
लघूत्तम समापवर्त्य एवं महत्तम समापवर्तक (LCM and HCF) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी। Maths Formula Hindi
लघूत्तम समापवर्त्य एवं महत्तम समापवर्तक (LCM and HCF) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी कि सभी जानकारी नीचे दी गई है

लघूत्तम समापवर्त्य (LCM):
लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) वह छोटी से छोटी (न्यूनतम) संख्या होती है जो दी गयी दो या दो से अधिक संख्याओं से विभाजित होती है।

लघूत्तम समापवर्तक ज्ञात करने की विधि-

1) सबसे पहले दिए हुए व्यंजकों के छोटे-छोटे गुणनखंड ज्ञात कर लीजिए।
2) अब, पहले व्यंजक के सभी गुणनखंड ले कर दूसरे व्यंजक के गुणनखंडों में से केवल एसे गुणनखंड ले जो पहले व्यंजक के गुणनखंडों में न हो फिर तीसरे व्यंजक के गुणनखंडों में से ऐसे गुणनखंड लो जो पहले अथवा दुसरे व्यंजक के गुणनखंडों में न हो।
3) इस प्रकार प्राप्त सभी गुणनखंडों को गुणा के रूप में रख दो। यही अभीष्ट लघूत्तम समापवर्तक होगा।
जैसे- 4 व 6 का लघुत्तम समापवर्त्य 12 होगा, क्योकि यह 4 व 6 से एक साथ पूर्णत: विभाजित होने वाली संख्याओं में न्यूनतम है।


महत्तम समापवर्तक (HCF):-

महत्तम समापवर्तक (HCF)- वह बड़ी से बड़ी (अधिकतम) संख्या होती है जो दी गयी दो या दो से अधिक संख्याओं को पूर्णतः विभाजित करती है।

महत्तम समापवर्तक ज्ञात करने की विधि-
1) सबसे पहले दिए हुए व्यंजकों के, उनके गुणांकों सहित छोटे-छोटे गुणनखंड कर लीजिए।

2) व्यंजकों के गुणनखंडों में जो गुणनखंड सर्वनिष्ट (Common) हो, उसे एकत्रित कर लीजिए।

3) सर्वनिष्ट गुणनखंड ही अभीष्ट महत्तम समापवर्त्य है। यदि सर्वनिष्ट एक से अधिक है तो उन्हें गुणा के रूप में रख दीजिए।

जैसे- 12 व 24 को पूर्णत: विभाजित करने वाली संख्याओं में अधिकतम संख्या 12 है। अत: इन संख्याओं का महत्तम समापवर्तक 12 है

गुणक और गुणज (Multiple):

यदि एक संख्या "x" दूसरी संख्या "y" को पूर्णतः विभाजित करती है तो हम "x" को "y" का गुणक कहते हैं। इस अवस्था में "y",  "x" का गुणज कहलाता है।

जैसे- 3 का गुणज 3, 6, 9, 12, 15.........

गुणनखण्ड (Factor):
जब कोई संख्या किसी दूसरी संख्या को पूरा-पूरा विभाजित करे और शेष कुछ न बचे तो वह संख्या उस दूसरी संख्या का गुणनखण्ड कहलाती है।

जैसे- 45 का गुणनखंड 1, 3, 5, 9, 15, 45

सूत्र, व्यंजकों का गुणनफल = महत्तम समापवर्त्य × लघूत्तम समापवर्तक

एक सूत्र, पहली संख्या x दूसरी संख्या = महत्तम समापवर्त्य × लघूत्तम समापवर्तक

लघूत्तम समापवर्त्य एवं महत्तम समापवर्तक (LCM and HCF) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी कि यह लेख आपको कैसा लगा आप चाहें तो नीचे कमेंट करके अवश्य बताएं।

रैखिक समीकरण (Linear Equation) और द्विघात समीकरण (Quadratic Equation) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी । Maths Formula Hindi

रैखिक समीकरण (Linear Equation) और द्विघात समीकरण (Quadratic Equation) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी Maths Formula Hindi
रैखिक समीकरण (Linear Equation) और द्विघात समीकरण (Quadratic Equation) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी कि इस लेख में अच्छे से बताया गया है।जो नीचे आपको इनके रैखिक समीकरण (Linear Equation) और द्विघात समीकरण (Quadratic Equation) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी दिया गया है।
  समता के चिन्ह (=) के द्वारा निर्मित वह सम्बन्ध जो की अज्ञात राशि के निश्चित मानों के लिए सत्य उतरता है, समीकरण कहलाता है।

रैखिक समीकरण (Linear Equation)
एक एसी समीकरण जिसमे चर राशि की अधिकतम घात एक हो रैखिक समीकरण कहलाती है।

उदाहरण:
ax + b = 0

द्विघात समीकरण (Quadratic Equation)

एक एसी समीकरण जिसमे चर राशि की अधिकतम घात 2 हो द्विघात समीकरण कहलाती है।

उदाहरण:
ax² + bx + c = 0
या
2x²+3x+6=0

समीकरण के मूल
अज्ञात राशि की वे मूल जो उस समीकरण को संतुष्ट करते है। समीकरण के मूल कहलाते है।

समीकरण के मूलों के सिद्धान्त:

1) किसी समीकरण की जितनी घात होती है, उतने ही मूल होते है| यदि मूलों की संख्या घात से अधिक है, तो वह समीकरण सर्वसमिका कहलाती है।

2) एक बहुघातीय समीकरण के मूल परिमेय, अपरिमेय अथवा अधिकल्पित (काल्पनिक) हो सकते है।

3) काल्पनिक अथवा समिश्र मूल सदा जोड़े में होते है, अर्थात यदि किसी समीकरण का एक मूल 3+2i है तो 3-2i भी उसका एक मूल होगा।

4) अपरिमेय मूल भी सदा जोड़े में होते है, अर्थात यदि किसी समीकरण का एक मूल 4+√2 है, तो 4-√2 भी उसका एक मूल होगा ।

5) किसी समीकरण के मूल ज्ञात करने के लिए उसके गुणनखंड कीजिए| प्रत्येक एक घातीय गुणनखंड एक मूल होगा।

6) यदि ax²+bx²+c+0 के मूल α व β है तो मूलों का योग α + β = -b/a तथा मूलों का गुणनफल α.β = c/a होगा।

7) यदि किसी द्विघात समीकरण के मूल दिए हुए है, तो वह समीकरण x² - (मूलों का योग x + मूलों का गुणनफल) = 0 होगा।

8) समीकरण ax² + bx² + c = 0 के मूल

वास्तविक तथा असमान होते है, यदि b² - 4ac > 0

वास्तविक तथा बराबर होते है यदि b² - 4ac = 0

काल्पनिक तथा असमान होते है, यदि b² - 4ac < 0

9) b² - 4ac > 0 होने पर,

यदि b² - 4ac = पूर्ण वर्ग हो तो मूल वास्तविक, असमान तथा परिमेय होते है।

यदि b² - 4ac ≠ पूर्ण वर्ग हो तो मूल वास्तविक, असमान तथा अपरिमेय होते है।


यह रैखिक समीकरण (Linear Equation) और द्विघात समीकरण (Quadratic Equation) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी आपको कैसा लगा आप नीचे कमेंट करके अवश्य बताएं और साथ ही साथ अपने दोस्तों को शेयर करें।

चक्रवृद्धि ब्याज (Compaund Interest) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी । Maths Formula Hindi

चक्रवृद्धि ब्याज (Compaund Interest) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी  Maths Formula Hindi 
चक्रवृद्धि ब्याज (Compaund Interest) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी । Maths Formula Hindi
इस लेख में मैंने चक्रवृद्धि ब्याज (Compaund Interest) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी  में आपके सामने यह जानकारी नीचे दी गई है।
जब एक निश्चित समय के बाद मूलधन के साथ-साथ साधारण ब्याज पर भी ब्याज की गणना की जाती है, तो इस प्रकार प्राप्त ब्याज को चक्रवृद्धि ब्याज कहते है।

महत्वपूर्ण सूत्र:-

यदि मूलधन P रुपए, ब्याज की दर r%, समय n वर्ष तथा मिश्रधन A हो, तब

1) चक्रवृद्धि मिश्रधन - A = P( 1 + r/100)ⁿ
2) A = P + CI
3) चक्रवृद्धि ब्याज - CI = p[ (1 + r/100)ⁿ -1 ]
4) r = { ( A/P)⅟ ⁿ -1} × 100

जब चक्रवृद्धि ब्याज प्रति छमाही संयोजित किया जाए,
तब, A = P( 1 + r/200)²ⁿ 
उदाहरण 

अपडेट किए जा रहे हैं......

यह लेख आपको चक्रवृद्धि ब्याज (Compaund Interest) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी कैसे लगा आप हमें नीचे कमेंट करके अवश्य बताएं और साथ ही साथ अपने दोस्तों को शेयर करें।

साधारण ब्याज (Simple Interest) मैथ्स फार्मूला हिंदी । Maths Formula Hindi

साधारण ब्याज (Simple Interest) मैथ्स फार्मूला हिंदी/ Maths Formula Hindi
साधारण ब्याज (Simple Interest) मैथ्स फार्मूला हिंदी । Maths Formula Hindi
इस लेख में साधारण ब्याज (Simple Interest) मैथ्स फार्मूला हिंदी में दी गई जानकारी है ।

मूलधन (Principle):-

किसी व्यक्ति द्वारा किसी स्त्रोत से उधार लिया गया धन मूलधन कहलाता है। इसे हमेशा (p) से प्रदर्शित करते है।

मिश्रधन (Amount):-

मूलधन में ब्याज जोड़कर जो धनराशि प्राप्त होती है, उसे मिश्रधन कहते है। इसे हमेशा (A) से प्रदर्शित करते है।
ब्याज की दर (Rate of Interest):-

प्रति रु 100 मूलधन पर प्रतिवर्ष जाने वाली ब्याज की राशि को ब्याज की दर कहा जाता है। इसे हमेशा (R) से प्रदर्शित करते है।

समय (Time):-

जितने वर्ष, महीने या दिनों के लिए धन उधार लिया जाता है वह समय कहलाता है। समान्यतया: इसे ( t ) से प्रदर्शित करते है।
साधारण ब्याज का सूत्र:-

साधारण ब्याज (S.I.) =
(मूलधन X दर X समय)/ 100

या
S.I. = [ ( P X R X T )/ 100]

मिश्रधन  =  मूलधन + साधारण ब्याज 
or 

A = P + SI 

or 

A = p (1+rt)/100

उदाहरण

लोड किए जा रहे हैं....

आपको यह जानकारी साधारण ब्याज (Simple Interest) मैथ्स फार्मूला हिंदी कैसी लगी हमें बताए कमेंट भी करे।

लाभ, हानी तथा बट्टा (Profit, Loss and Discount) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी। Maths Formula Hindi

लाभ, हानी तथा बट्टा (Profit, Loss and Discount) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी Maths Formula Hindi

लाभ, हानी तथा बट्टा (Profit, Loss and Discount) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी। Maths Formula Hindi
इस लेख में लाभ, हानी तथा बट्टा (Profit, Loss and Discount) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी में आपको सारी जानकारियां नीचे दी गई है।

जब कोई व्यक्ति किसी वस्तु की खरीद या बिक्री से संबन्धित होता है, तो उसे कुछ धनराशि का फायदा या नुकसान होता है। यह फाइदा या नुकसान ही लाभ या हानी कहलाता है| लाभ तथा हानी के प्रश्नों को हल करने के लिए निम्न विधियों का प्रयोग करेंगे।

क्रय मूल्य (Cost price)
किसी वस्तु का क्रय मूल्य वह मूल्य है जिस पर उस वस्तु को खरीदा जाता है इसे cp से निरूपित करते है।

विक्रय मूल्य (selling price)

किसी वस्तु का विक्रय मूल्य वह मूल्य है जिस पर उस वस्तु को बेचा जाता है इसे sp से निरूपित करते है।
लाभ (Profit)
जब किसी वस्तु को उसके क्रय मूल्य से अधिक मूल्य पर बेचा जाता है, तो इस स्थिति में वस्तु पर लाभ होना कहा जाता है।

हानि (Loss)
जब किसी वस्तु को उसके क्रय मूल्य से कम मूल्य पर बेचा जाता है, तो इस स्थिति में वस्तु पर हानि होना कहा जाता है।

बट्टा(Discount)
किसी वस्तु को बेचते समय जो छूट दी जाती है, उसे बट्टा कहते है। बट्टा सदेव अंकित मूल्य पर दिया जाता है।

लाभ, हानी तथा बट्टा महत्वपूर्ण सूत्र:-
1)बट्टा= अंकित मूल्य - विक्रय मूल्य

2)बट्टा%= (वास्तविक बट्टा)/(अंकित मूल्य)×100
महत्वपूर्ण सूत्र:

3)लाभ= विक्रय मूल्य - क्रय मूल्य
(P= SP-CP)

4)हानि = क्रय मूल्य - विक्रय मूल्य
(L=CP-SP )

5)लाभ प्रतिशत= लाभX100/क्रय मूल्य ( p%=P/cpX100)

6)हानि प्रतिशत=हानिX100/क्रय मूल्य ( L%=L/cpX100)
लाभ व हानि तथा लाभ प्रतिशत व हानि प्रतिशत की गणना सदैव क्रय मूल्य पर की जाती है। न की विक्रय मूल्य पर

उदाहरण:

अपडेट हो रहा......

लाभ, हानी तथा बट्टा (Profit, Loss and Discount) मैथ्स फॉर्मूला हिंदी का यह लेख आपको कैसा लगा आप चाहें तो कृपया नीचे कमेंट अवश्य करें। और दोस्तो को शेयर करें।

प्रायिकता (Probability) मैथ्स हिंदी । Maths Hindi

प्रायिकता (Probability) मैथ्स हिंदी/ Maths Hindi
प्रायिकता (Probability) मैथ्स हिंदी । Maths Hindi
इस लेख के प्रायिकता (Probability) मैथ्स हिंदी में सभी अच्छे से बताया गया है।

यदि यादृच्छिक प्रयोग से संबन्धित n घटनाओं में से m घटनाएँ, घटना E के अनुकूल है, तब घटना E के घटित होने को प्रायिकता

P(E) = m/n

और घटना E के घटित न होने की प्रायिकता,
P(Ē)=1-P(E)
=1-m/n
=n-m/n
अत: P(E)=घटना के अनुकूल प्रकार/ घटना के कुल प्रकार
=n(E)/n(S)
यदि, P(E)=0 तब घटना, असम्भव घटना कहलाती है।
P(E)=1 तब घटना, निश्चित घटना कहलाती है।
यहाँ इस बात पर ध्यान देना आवश्यक है की

0≤p(E) ≤1

कुछ महत्वपूर्ण परिणाम (Some Important Results)
1) यदि प्रयोग से संबन्धित घटनाएँ E₁ व E₂ हों,तो E₁ व  E₂ के घटित होने की प्रायिकता,

P(E₁ᴗE₂)=P(E₁)+P(E₂)-P(E₁ᴖE₂)
जहां, P(E₁ᴖE₂)= E₁ व E₂ के घटित होने की प्रायिकता

2) यदि E₁ व  E₂ परस्पर अपवर्जी घटनाएँ हो, तब
P(E₁ᴗE₂)=P(E₁)+P(E₂)

उदाहरण:

1) एक पासे को फेंका जाता है। उस पर सम संख्या आने की प्रायिकता बताइये।
हल:
यहाँ, प्रतिदर्श समष्टि, s={1,2,3,4,5,6}
n(S)= 6
E (अनुकूल प्रकार) = {2,4,6}
n(E)= 3
P(E)= n(E)/n(S)
=3/6
=1/2


2) 52 पत्तों की ताश की गड्डी में से एक पत्ता यादृच्छिक एक रूप से निकाला जाता है| इस पत्ते के लाल होने की प्रायिकता बताइए?

हल:

कुल पत्तों की संख्या =52

n(S)=52

लाल पत्तों की संख्या n(E)=26

P(E)= n(E)/n(S)

=26/52

=1/2

दी गई जानकारी प्रायिकता (Probability) मैथ्स हिंदी की आपको कैसे लगा आप नीचे कमेंट करके अवश्य बताएं।

क्षेत्रमिति (Mensuration) मैथ्स फार्मूला हिंदी । Kshetramiti Maths Formula Hindi

क्षेत्रमिति (Mensuration) मैथ्स फार्मूला हिंदी/Kshetramiti Maths Formula Hindi
क्षेत्रमिति (Mensuration) मैथ्स फार्मूला हिंदी । Kshetramiti Maths Formula Hindi
इस लेख में क्षेत्रमिति (Mensuration) मैथ्स फार्मूला हिंदी में सभी मैथ्स फॉर्मूला नीचे बताए गए है।

क्षेत्रफल
किसी समतल आकृति द्वारा घेरा जाने वाला स्थान अथवा आकृति की सीमाओं के अंदर के धरातल का परिमाप, उसका क्षेत्रफल कहलाता है।
क्षेत्रफल का मात्रक 'वर्ग इकाई' होता है।
जैसे:- किसी आयत की लंबाई (l) = 3 सेमी तथा चौड़ाई (b) = 4 सेमी,
  तब, आयत का क्षेत्रफल(A) = l X b = 3 X 4 = 12 सेमी

परिमाप (perimeter)
किसी समतल आकृति की सभी भुजाओं का योग उसका परिमाप कहलाता है। इसे परिमिति भी कहते है जिस इकाई में भुजा की माप दी गई होती है, वही इकाई परिमिति की माप होती है।

जैसे:- किसी त्रिभुज की भुजाएँ क्रमश: 3 सेमी, 4 सेमी व 5 सेमी है,

तब, त्रिभुज का परिमाप (P) = तीनों भुजाओं का योग = 12 सेमी

त्रिभुज (Triangle)
तीन भुजाओं से घिरी हुई आकृति त्रिभुज कहलाती है। इसमें तीन कोण होते है| जिसका योग 180° होता है। तथा किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से अधिक होता है। त्रिभुज का क्षेत्रफल = 1/2 × आधार × ऊँचाई

= 1/2 × a × h

समबाहु त्रिभुज (Equilateral Triangle)
ऐसे त्रिभुज जिनकी तीनों भुजाऐं समान होती हैं समबाहु त्रिभुज कहलाते हैं। और इसका प्रत्ये क कोण 60° का होता है।

1) समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल = √3/4 a²
2) समबाहु त्रिभुज का परिमाप = 3a
3) समबाहु त्रिभुज की ऊँचाई h = √3/2a = 1/2 × a × h

समद्विबाहु त्रिभुज (Isosceles Triangle)
ऐसे त्रिभुज जिसकी दो भुजाऐं समान होती है। समद्विबाहु त्रिभुज कहलाते है।
1) समद्विबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल = √s(s-a)(s-a)(s-b) = (s-a) √s(s-b)
2) समद्विबाहु त्रिभुज का परिमाप = 2a + b
= 1/2 × a × h

विषमबाहु त्रिभुज (Scalene Triangle)
ऐसे त्रिभुज जिसकी कोई भी भुजा समान नहीं होती है।
1) विषमबाहु त्रिभुज का परिमाप = a + b + c
2) विषमबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल = √s (s-a) (s-b) (s-c)
जहां, s = a + b + c/2

समकोण त्रिभुज (Right Angle Triangle)
यदि किसी त्रिभुज का एक कोण समकोण यानि 90° का हो।
1) समकोण त्रिभुज का क्षेत्रफल = 1/2 × आधार × लम्ब = 1/2 × b × p
2) समकोण त्रिभुज का परिमाप =p + b + h

आयतन (Volume)
कोई वस्तु जितना स्थान घेरती है, उसे उस वस्तु का आयतन कहते है। आयतन को घन इकाई मे मापा जाता है।
जैसे :- किसी बॉक्स का आयतन l × b × h = 3 × 4 × 5 = 60 घन सेमी होगा।

पृष्ठीय क्षेत्रफल (Surface Area)
समतल अथवा ठोस वस्तुओं के फेलाव को सतह या पृष्ठ कहते है तथा इसके तल के क्षेत्रफल को पृष्ठीय क्षेत्रफल कहते है।

जैसे :- घन के कुल 6 पृष्ठ होते है। इन पृष्ठों का कुल क्षेत्रफल 6 × (भुजा)² वर्ग इकाई होता है।

(1) घन (Cube)
छ: समान पृष्ठों वाली एसी ठोस आकृति, जिसकी सभी विमाएँ (लंबाई, चोड़ाई, ऊँचाई) समान हो घन कहलाता है।
1) घन का आयतन = a³
2) घन का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 6a²
3) घन का विकर्ण = a√3, जहां a घन की भुजा है|

(2) घनाभ(Cuboid)
एसी आकृति, जो छ: पृष्ठों या तलों से घिरी हो तथा सभी तल आयताकार हो, घनाभ कहते है। घनाभ की भुजाओं को "कोर" भी कहते है।
1) घनाभ का आयतन = lbh
2) घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2 ( lb + bh + hl )
3) घनाभ का विकर्ण = √l²+ b² + c² जहाँ, l, b,h क्रमश: घनाभ की लम्बाई, चौड़ाई व ऊँचाई है।

(3) कमरा (Room)
किसी आयताकार कमरे की चार सतह होती है। तथा आमने सामने की सतहों (दीवारों) का क्षेत्रफल समान होता है।
1) दीवारों का कुल क्षेत्रफल (A )= 2 × (l + b)× h
2) कमरे में, कुल हवा (v) = l × b × h
3) फर्श या छत का क्षेत्रफल (A₂) = l × b
4) कमरे में रखी जा सकने वाली लम्बी से लम्बी छड़ की लम्बाई = कमरे का विकर्ण, d = √l²+ b² + c²

(4) बेलन (Cylinder)
वृत्तीय आधार वाली एसी ठोस जिसके पार्श्व समतल होते हैं, लम्बवृत्तीय बेलन कहलाती है। इसका निर्माण समान त्रिज्या वाले वृत्तों को एक-दूसरे के ऊपर रखकर किया जाता है।
1) बेलन का आयतन (v)= лr²h
2) बेलन का वक्रपृष्ठीय क्षेत्रफल (s) = 2лrh
3) बेलन का सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (TS) = 2лr ( r + h )
जहां पर, r बेलन की त्रिज्या तथा h बेलन की ऊंचाई है|

(5) खोखला बेलन (Hollow Cylinder)
वृत्तीय आधार वाली खोखली आकृति, जिसके पार्श्व समतल होते हैं, खोखला बेलन कहलाती है। जैसे- पाइप, बांसुरी आदि,
1) खोखले बेलन का आयतन (v) = лh ( r₁² - r₂² )
2) खोखले बेलन का वक्रपृष्ठीय क्षेत्रफल (s) = 2лh( r₁ + r₂ )
3) खोखले बेलन का सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल(TS) = वक्रपृष्ठीय क्षेत्रफल + 2л ( r₁² - r₂² ) = 2лh( r₁ + r₂ ) + 2л ( r₁² - r₂² )

जहाँ पर, r₁ व r₂ क्रमश: बाह्य व अंत: आधारों की त्रिज्यएँ व h बेलन की ऊंचाई है।

(6) शंकु (Cone)
यह एक ऐसा पिरामिड है जिसका आधार एक वृत्त होता है तथा समकोण त्रिभुज की समकोण बनाने वाली भुजा को आधार या लम्ब के परित: घुमाने पर इसका निर्माण होता है।
1) शंकु का आयतन (v) = 1/3 лr²h
2) शंकु की तिर्यक ऊँचाई (l) = √r² +h²
3) शंकु का वक्र पृष्ठ (S) = лrl
4) शंकु का सम्पूर्ण पृष्ठ (TS) = лr( r + l )

(7) गोला (Sphere)
एक ऐसी ठोस व गोल आकृति जिसकी सतह का प्रत्येक बिन्दु एक निश्चित बिन्दु से समान दूरी पर स्थित हो।
इसका निर्माण, वृत्त को उसके व्यास के अनुदिश घुमाने पर होता है।
1) गोले का आयतन ( V ) = 4/3 лr³
2) गोले का सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (S) = 4 лr²

(8) अर्द्धगोला (Hemisphere)
ठोस गोले को व्यास के अनुदिश दो भागों में बाँट देने पर प्राप्त प्रत्येक भाग को अर्द्धगोला कहते है।
1) अर्द्धगोले का आयतन (V) = 2/3 лr³
2) अर्द्धगोले का सम्पूर्ण पृष्ठ (S₁) = 3лr²

जहाँ पर, r अर्द्धगोले की त्रिज्या है।


आपको यह क्षेत्रमिति (Mensuration) मैथ्स फार्मूला हिंदी लेख कैसे लगा आप नीचे कमेंट करके अवश्य बताएं।