उपसर्ग और प्रत्यय [Upsarg Aur Pratyay]✓

उपसर्ग और प्रत्यय (Upsarg Aur Pratyay)

आपको में पहले ही बता दू की यह लेख विस्तार से नहीं दिया गया है लेख में मैं आपके लिए व्याकरण उपसर्ग और प्रत्यय के बारे में कुछ जानकारी दी गई है। आप उपसर्ग और प्रत्यय के अलग अलग करके विस्तार से दिए गए हमारी वेबसाइट पर विस्तृत लेख को अवश्य देखे। फिर भी इस में दोनों की उपसर्ग और प्रत्यय को इसमें बताया गया है।

उपसर्ग और प्रत्यय (Upsarg Aur Pratyay)

उपसर्ग 

ऐसे शब्दांश जो किसी शब्द के पूर्व जुड़ कर उसके अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं या उसके अर्थ में विशेषता लाते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं।
या शब्द के पूर्व लगने वाले शब्दांश जो कि शब्द के अर्थ को बदल दे उपसर्ग होते हैं।
जैसे कि  अन+पढ़=अनपढ़

ऊपर के उदाहरण में "अन" उपसर्ग हैं।

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प्रत्यय 
ऐसे शब्द जो दूसरे शब्दों के अन्त में जुड़कर, अपनी प्रकृति के अनुसार, शब्द के अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं, प्रत्यय कहलाते हैं।

प्रत्यय शब्द दो शब्दों (प्रति + अय) से मिलकर बना है। प्रति का अर्थ होता है - साथ में, पर बाद में" और अय का अर्थ है - "चलने वाला"। इसलिए प्रत्यय का अर्थ हुआ साथ में पर बाद में चलने वाला। 


जिन शब्दों का स्वतंत्र अस्तित्व नहीं होता है वे किसी शब्द के पीछे लगकर उसके अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं। प्रत्यय होते हैं

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